बैंक से आ रहे EMI कटने के मैसेज, क्या अपने आप नहीं मिलेगा EMI टलने का या बैंक ब्याज पर लाभ? लाकडाऊन 2021 व्यापारी मध्यमवर्गीय परेशान
कोरोना का असर: अप्रैल में 22 प्रतिशत कर्जदार नहीं चुका सके बैंकों की ईएमआई (LocalNazariya) गंजबासौदा/मप्र- महामारी की दूसरी लहर ने कर्जदारों की बैंकिंग क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निजी और सरकारी बैंकों की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में उनके 22 फ़ीसदी खुदरा कर्जधारको ने एमआई का भुगतान नहीं किया है। ग्राहक अगर दो और किस्त और डिफॉल्ट करते हैं तो बड़ी मात्रा में कर्ज की राशि एनपीए में चली जाएगी। 90 दिन ईएमआई न मिलने पर एनपीए हो जाता है। वहीं आरबीआई की एक हफ्ते पहले घोषित मोरेटोरियम योजना का लाभ उन्हीं कर्जधारकों और व्यापारियों को मिलेगा जिन्होंने न तो पिछले साल इसका लाभ लिया था और न ही कोई डिफॉल्ट किया है। क्योंकि दूसरी लहर में कई बैंक कर्मचारी संक्रमित हो गए। साथ ही कई शहरों में लॉकडाउन की वजह से लोन विभाग का काम ठप हो गया है। और व्यापार भी पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण और बीमारी के चलते काफी लोग किश्त का भुगतान कर नहीं पाये। वही गंजबासौदा पूर्व विधायक निशंक जैन ने जनता की परेशानियों को समझते हुये आज शासकीय अशासकीय बैंकों में लोन की किस्त जमा करने की समय सीमा बढ़...