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"सत्य है लेकिन कडवा है" विधायक पुत्र ने अपनी सरकार और प्रशासन पर उठाये सवाल

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मध्यप्रदेश- प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में जहां स्थिति गंभीर है तो वहीं दूसरी तरफ राजनैतिक मंत्रियों और नेताओं के बयान सामने आते जा रहे हैं इस बीच ही केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल भतीजे मोनू पटेल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। नेता मोनू पटेल ने अपनी ही शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, पूरा सिस्टम फेल हो चुका है, यदि हकीकत जानना है तो शमशान घाट जाकर देखें नेता कि कितने लोगों की मौत हो रही है। वही मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है जिसकी कमी से मौते हो रही है। सिर्फ चारों जगह रोने की चीख-पुकार सुनाई दे रही है। बताते चलें कि, मोनू बीजेपी विधायक जालम सिंह पटेल के पुत्र है इस समय विधायक कोरोना पॉजिटिव है। कोरोना मरीजों की मौत के आंकड़ों को लेकर प्रशासन बोल रहा है झूठ - पटेल इस संबंध में अपने फेसबुक अकाउंट पर लेख के जरिए आगे लिखा कि, नरसिंहपुर जिले के हालात भयावह होते जा रहे हैं। वही प्रशासन मौत के आंकड़ों को लेकर झूठ बोल रहा है। ऐसे हालात में कोविड के प्रभारी मंत्री क्या कर रहे हैं। बताते चलें कि, हाल ही में हुजूर क्षेत्र के वि...

पूर्व विधायक निशंक जैन ने कोरोना को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

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  ज बासोदा - पूर्व विधायक निशंक जैन नें मीडिया को बताया  की 31 दिस्म्बर 2020 तक गंज बासौदा और त्यौदा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6000 के आसपास जांच हुई जिसमें 3500 के लगभग आर टी पी सी आर के सैम्पल लिये गये ।  इसके बाद 1 जनवरी 2021 से आज दिनांक तक कोई भी टेस्ट नही हो रहा हैं । सरकार ने निर्णय लिया था कि हरिद्वारा कुम्भ से लौटने वाले यात्रियों की जांच की जावेगी एवं उन्हे क्वारेंटरईन किया जावेगा, न तो उन यात्रियो को क्वारेंटाईन किया गया और ना ही उनकी जांच भी नही की जा रही हैं । पहलेे गंज बासौदा नगर के शासकीय चिकित्सालय एवं बेदनखेडी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहले वैक्सीन भी लगती थी और कोरोना के सेम्पल भी लिये जाते थे अब न तो स्वास्थ्या केन्द्र बेदनखेडी में सैम्पल लिये जा रहे हैं और ना ही वैक्सीन लगाई जा रही हैं जबकि वहाॅ पर एम.बी.बी एस डाक्टर पदस्थ हैं ।   22 अप्रेल के पहले तक 60 से 70 आर टी पी सी आर की जांच प्रतिदिन होती थी उपर के निर्देषों के बाद पूरे जिले में आर टी पी सी आर की जांच आधा कर दिया हैं अब प्रतिदिन 25 से 30 सैम्पल लिये जा रहे हैं जबकि कम से कम 100 स...

“मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है ऐंसा कहकर अपना बेड दे दिया ,

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नागपुर देश में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच लोग अलग-अलग तरह से पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। कोई सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड-19 से जूझ रहे मरीजों को ऑक्सिजन सिलेंडर की व्यवस्था करा रहा है तो कोई बेड की उपलब्धता की जानकारी दे रहा है। कोरोना महामारी से इस जंग में महाराष्ट्र के एक 85 साल के योद्धा ने एक मिसाल पेश की है। नारायण नाम के इस शख्स ने अपना बेड एक युवा को यह कहते हुए दे दिया कि उसे जिंदगी की ज्यादा जरूरत है। जानकारी के मुताबिक, नागपुर के रहने वाले नारायण दाभडकर कोविड पॉजिटिव थे। काफी मश्क्कत के बाद परिवार नारायण के लिए एक अस्पताल में बेड की व्यवस्था कर पाया। कागजी कार्रवाई चल ही रही थी कि तभी एक महिला अपने पति को लेकर हॉस्पिटल पहुंची। महिला अपने पति के लिए बेड की तलाश में थी। महिला की पीड़ा देखकर नारायण ने डॉक्टर से कहा, 'मेरी उम्र 85 साल पार हो गई है। काफी कुछ देख चुका हूं, अपना जीवन भी जी चुका हूं। बेड की आवश्यकता मुझसे अधिक इस महिला के पति को है। उस शख्स के बच्चों को अपने पिता की आवश्यकता है।' तीन दिन बाद हो गई नारायण की मौत नारायण ने डॉक्टर से कहा, 'अगर उस स्त्री क...