पूर्व विधायक निशंक जैन ने कोरोना को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
ज बासोदा - पूर्व विधायक निशंक जैन नें मीडिया को बताया की 31 दिस्म्बर 2020 तक गंज बासौदा और त्यौदा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6000 के आसपास जांच हुई जिसमें 3500 के लगभग आर टी पी सी आर के सैम्पल लिये गये ।
इसके बाद 1 जनवरी 2021 से आज दिनांक तक कोई भी टेस्ट नही हो रहा हैं ।
सरकार ने निर्णय लिया था कि हरिद्वारा कुम्भ से लौटने वाले यात्रियों की जांच की जावेगी एवं उन्हे क्वारेंटरईन किया जावेगा, न तो उन यात्रियो को क्वारेंटाईन किया गया और ना ही उनकी जांच भी नही की जा रही हैं ।
पहलेे गंज बासौदा नगर के शासकीय चिकित्सालय एवं बेदनखेडी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहले वैक्सीन भी लगती थी और कोरोना के सेम्पल भी लिये जाते थे अब न तो स्वास्थ्या केन्द्र बेदनखेडी में सैम्पल लिये जा रहे हैं और ना ही वैक्सीन लगाई जा रही हैं जबकि वहाॅ पर एम.बी.बी एस डाक्टर पदस्थ हैं ।
22 अप्रेल के पहले तक 60 से 70 आर टी पी सी आर की जांच प्रतिदिन होती थी उपर के निर्देषों के बाद पूरे जिले में आर टी पी सी आर की जांच आधा कर दिया हैं अब प्रतिदिन 25 से 30 सैम्पल लिये जा रहे हैं जबकि कम से कम 100 से 150 आर टी पी सी आर की जांच के सेम्पल लिये जाने थे ं।
कोविड केयर सेंटर में 30 पलंग हैं और 30 पलंग पर केबल 4 आक्सीजन सिलेण्डर 10 लीटर के हैं जिनमें आक्सीजन सिलेण्डर लीकेज हैं
3 आक्सीजन कंसंट्रेटर मषीन हैं जबकि कोविड सेंटर में मरीजो की संख्या 30 हैं जिसके हिसाब से 30 आक्सीजन कंसंट्रेटर मषीन होना चाहिये थी ।
27 अप्रेल 2021 को कोविड से संक्रमित 12 मरीज भर्ती थे जिसमें 8 मरीजो की स्थिति गम्भीर थी जिन्हे आक्सीजन की आवष्यकता थी, उनको बदल बदल लगाई गई ।
मेरे संज्ञान में आया हैं कि गंज बासौदा में स्वरूपनगर लाल पठार पर छात्रावास को कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा हैं जिसमें मेरी मांग हैं कि जनचिकित्सालय में एम.डी. स्पेषलिस्ट डाक्टर पदस्थ हैं जिनकी देखरेख में मरीजो को टीके लगाये जा सकते हैं उन इन्जेक्षन को उपलब्ध कराये जावे जिससे गंज बासौदा में ही केाविड संक्रमित मरीजो का उपचार किया जा सके और उन्हे मेडीकल कालेज न रेफर किया जावे ।
कोविड केयर संेटर में भर्ती 300 रू प्रतिदिन के हिसाब से मरीजो को पोष्टिक आहार फल दूध और भोजन उपलब्ध कराना चाहिये ।
गंजबासौदा और त्यौंदा तहसील के प्रत्येक मतदान केन्द्र पर शासन के निर्देष पर पोलियों की दवा पिलाई जाती हैं उसी प्रकार सभी मतदान केन्द्रों पर वैक्सीलेषन का कार्य किया जाना चाहिये और सैम्पल भी लिये जाना चाहिये ।
शासकीय चिकित्सालय में ओ.पी.डी. के दौरान चिकित्सालय में पदस्थ्य सभी डाक्टरों की डयूटी मरीजो के उपचार करने हेतु लगाई जावे ।
हितग्राहियो को बैंको द्वारा दिये गये ऋण पर कोरोना काल में लाॅक डाउन के चलते ब्याज वसूला जा रहा हैं जिसे आगामी तीन माह तक का ब्याज माफ किया जाये ।
हमारी मांग हैं मध्य प्रदेष संचालित सभी स्कूलो में फीस बसूली जा रही हैं जिससे अभिभावक पर लाॅकडाउन के समय अनाधिकृत बोझ बना रहा हैं जिसे माफ किया जाये या सरकार स्वय बहन करें ।
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