ऑक्सीजन के साथ शहर के लोगों की मदद में जुटा जगदीश स्वामी फाउंडेशन
सकारात्मक सोच से नगर में खड़ी हुई दर्जनभर ऑक्सीजन कंसट्रेटर की सेवा
होम आइसोलेशन में कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए समय रहते मिल रही है ऑक्सीजन सेवा
गंज बासौदा- कोरोना महामारी से पीड़ितों के लिए सांसों का संकट आए दिन गहराता जा रहा है। नगर में आए दिन ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जब नागरिकों को कोरोना या अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को ऑक्सीजन के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले 1 माह से नगर के जगदीश स्वामी फाउंडेशन के कार्यकर्ता जन सहयोग से दर्जनभर ऑक्सीजन कंसट्रेटर की मदद से पीड़ितों की सांसों को संभालने के प्रबंध में रात दिन जी जान से जुटे हुए हैं। फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने भूख से परेशान अब मूक पशुओं के लिए भी पुराने गल्ला मंडी परिसर में भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा फाउंडेशन अब ऐसे चिकित्सीय उपकरणों को भी उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटा है जिनकी मरीजों को प्राथमिक उपचार के दौरान तत्काल आवश्यकता पड़ती है। महामारी के इस दौर में जहां चिकित्सीय क्षेत्र में आर्थिक अवसर तलाश जा रहे हैं वहीं फाउंडेशन ऑक्सीजन कंसट्रेटर की यह सेवा कोरोना पीड़ित मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करा रहा है।
मालूम हो कि स्थानीय अनाज मंडी के कुछ युवा व्यवसाईयों की सकारात्मक सोच ने नगर में कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए महामारी में आने वाले सांसों के संकट को समय रहते भांप लिया था और उसकी प्लानिंग शुरू कर दी थी। जगदीश स्वामी फाउंडेशन के संस्थापक वरिष्ठ सदस्य अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण सिंह रघुवंशी शेबू, सुखजीत सिंह काके और शरद साहू ने पहले स्वयं मशीनें लाकर सेवा शुरू की। फिर बाद में जन सहयोग से देखते ही देखते फाउंडेशन के बैनर तले दर्जनभर ऑक्सीजन कंसट्रेटर की श्रंखला खड़ी कर दी है जिसकी मदद से आज कोरोना पीड़ितों को समय रहते ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है जिससे सैकड़ों पीड़ित इस भयानक महामारी से बच गए और उनका जीवन संवर गया। ऐसे कई परिवार अब फाउंडेशन की प्रेरणा से ऑक्सीजन कंसट्रेटर का दान करने आगे आए हैं। फाउंडेशन ने पिछले दिनों नगर के शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय प्रबंधन को एक ऑक्सीजन कंसट्रेटर और 10 पीपी किट भेंट किए हैं। फाउंडेशन ने लागत मूल्य पर कोरोना में उपयोग होने वाली दवाओं को उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई है जिसके चलते समय रहते गंभीर पीड़ित मरीजों को दवाएं उपलब्ध हो सकीं जिससे उनका जीवन बच गया।

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